संस्था द्वारा धार्मिक शिक्षण शिविरो हेतु बालबोध (चारों भाग), छहढ़ाला, द्रव्य संग्रह तथा वर्ण व्यवस्था, अवध निर्देशिका, जैन ला, करणानुयोग दीपक, ऐसे थे चारित्र चक्रवर्ती, आगम पथ, विदेशों में जैन धर्म, चिन्तन प्रवाह, दशलक्षण मण्डल विधान, सुहेल बावनी, महासभा की प्रगति रिपोर्ट, नैतिक शिक्षाप्रद कहानियां, बालबोध जैन धर्म आदि महत्वपूर्ण साहित्य का नवीन या पुनप्र्रकाशन हुआ है। |