श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन (धर्म संरक्षिणी) महासभा' के १९८२ में कोटा में आयोजित अधिवेशन में श्री निर्मल कुमार जैन सेठी एवं श्री त्रिलोक चन्द कोठारी अध्यक्ष एवं महामंत्री निर्वाचित हुए। धर्म संरक्षिणी महासभा को पुनः सक्रिय करने के संकल्प के साथ यह भावना कालान्तर में बलवती हुई कि महासभा के तीर्थक्षेत्र विभाग के कार्यों के वर्धन एवं व्यापक कार्यक्षेत्र को देखते हुए एक स्वतंत्र किन्तु धर्म संरक्षिणी महासभा के अन्तर्गत 'तीर्थ संरक्षिणी महासभा' का गठन किया जाए और उसकी स्थापना सन् १९९८ में साकार हुई। |